सफलता और असफलता में क्या फासला है
हम सब जब बच्चे थे तब किसी ने सोचा था कि बड़ा होकर बस एक ऐवरेज लाइफ़ जियूंगा, कॉम्प्रोमाइज करूंगा, पैसों की तंगी में जीयूंगा। नहीं, हममें कुछ बड़ा बनने का, कुछ बड़ा कर दिखाने का जज़्बा था, हौसला था। हम सब आसमानों में ऊंची उड़ानें भरने वाले पंछी थे, कोई शक कोई दुख कोई निराशा नहीं थी।
फिर वही बच्चा 25-30 साल का होते होते अपने आप को एक छोटे से दायरे में क्यों समेट लेता है? उसकी उड़ान कुछ हजार रुपयों की job तक कैसे सिमट जाती है, खुद पर जो विश्वास था, आगे बढ़ने का जो जज़्बा जो हौसला था वो कहां गायब हो जाता है?
मैं आपको आज इसका कारण बताता हूं जिसे कोई स्कूल, कोई कॉलेज और ज्यादातर पेरेंट्स नहीं सिखाते। कारण ये है कि बचपन में "सीखने" की, अपने आप को इम्प्रूव करने की जो ललक होती है, बड़े होने पर वो गायब हो जाती है। पहाड़े, स्पेलिंग्स, सामाजिक, विज्ञान, फिर कॉलेज में लिटरेचर, अकाउंट्स, साइंस के फॉर्मूले रटने का काम शुरू होता है ताकि exam में लिखकर अच्छे मार्क्स ला सकें। ये सब चीजें लाइफ में काम आती हैं? फिर डिग्री लेने के बाद job लग जाती है और लाइफ़ का एक ढर्रा सेट हो जाता है।
मेरा आपसे सवाल है कि आपने आजतक अपने आस पास किसी को अपनी काबिलियत बढ़ाने के लिए, अपने आप को इम्प्रूव करने के लिए कुछ पढ़ते, सुनते देखा है? "Job लगने के बाद हर इंसान ये समझ लेता है कि उसे सब कुछ आता है, अब वो समझदार हो गया है।" Job में जो ट्रेनिंग दी जाती है वो सिर्फ़ इसलिए कि आप अपने job को अच्छे से कर सकें। सिर्फ़ इसलिए कि आप उस कंपनी के टारगेट्स पूरे कर सकें। आपकी लाइफ़ के टारगेट्स का क्या? उस लाइफ का क्या जिसके आपने कभी सपने देखे थे?
जितनी काबिलियत है उतने ही रिजल्ट प्रोड्यूस कर पाते हैं बस।
अगर बड़े रिजल्ट्स चाहिए लाइफ में तो उस हिसाब से काबिलियत बढ़ानी होगी, खुद को उस लेवल तक इम्प्रूव करना पड़ेगा।
बड़े से बड़े, सफ़ल से सफ़ल लोगों को आप देखेंगे वे हमेशा कुछ नया सीखने में लगे रहते हैं, खुद को इम्प्रूव करने में लगे रहते हैं इस पर बहुत टाइम, एनर्जी और पैसा इन्वेस्ट करते हैं। सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट वही है जो हम खुद की काबिलियत बढ़ाने के लिए करते हैं।
जहां सीखना बंद, वहां आगे बढ़ना बंद!
हर रोज नियम से सुबह उठते ही और रात को सोने से पहले सिर्फ़ 15 मिनट आप सफ़ल लोगों की बताई बातों को पढ़ें, सुनें उनके विडियोज देखें, सफ़ल अपलाइन से मिलें, बात करें बजाय घंटों सोशल मीडिया पर वेस्ट करने के। अपनी सोच में बदलाव लाकर ही आप बड़े टारगेट अचीव कर पाएंगे। सोच वही रहे और आप सफ़ल हो जाएं ऐसा होता नहीं।
आशा है मैं इस सबसे जरूरी बात पर आपका ध्यान खींच पाया हूं। अपनी सोच का कद बढ़ाएं, लगातार काम करते जाएं, सफलता और पैसा आपके पीछे पीछे आएगा।
All The Best
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