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Showing posts from July, 2020

अपने शरीर का देखभाल कैसे करें

हमारा शरीर समय का पाबंद होता है। हमारी रोजमर्रा की जीवनशैली से चलने का मतलब है कि हमारा शरीर उस निश्चित समय और वस्तु का बाध्य है। यदि जैसा रोजाना होता है, वैसा न हो तो शरीर को गड़बड़ी का एहसास होता है। बाडी क्लाक का बिगड़ना इसका ही रिज़ल्ट है। दरअसल हम सही समय पर पाबंद न हों तो इससे शरीर समझ नहीं पाता कि उसके साथ किस समय क्या होना है और उसे किस समय क्या करना है। ऐसे में वह हमेशा गड़बड़ रहता है।  परिणामस्वरूप बीमारियां हमें आ दबोचती हैं। इसलिए जरूरी है कि आप हमेशा निर्धारित समय पर भी भोजन या नाश्‍ता करें। गलत समय पर खाना खाने या खाना न खाने से कई तरह की समस्‍याएं हो सकती हैं। बढ़ता है मोटापा अगर आप नाश्ता छोड़ते हैं और इसके बजाय किसी अन्य समय खाने को तरजीह देते हैं तो यह मोटापा बढ़ना है। दरअसल समूचे विश्व में इस बात को नोटिस किया गया है कि जो लोग नाश्ता करते हैं, वे कम मोटे होते हैं। उनका स्वास्थ्य बेहतर रहता है। इतना ही नहीं उन्हें कोई गंभीर बीमारी भी नहीं होती। दरअसल नाश्ता इसलिए सही समय पर करना जरूरी है क्योंकि इसके बात हमारा शरीर सक्रिय रहता है। हम घर से दफ्तर या कालेज पहुंचने के लिए सज...

Attitude

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इस दुनिया मे नमुमकिन कुछ भी नही, हम वो सब कर सकते हैं जो हम सोच सकते हैं और हम वो सब सोच सकते हैं जो हमने कभी नही सोचा।

प्रेरणादायक कहानी

पति ने पत्नी को किसी बात पर तीन थप्पड़ जड़ दिए, पत्नी ने इसके जवाब में अपना सैंडिल पति की तरफ़ फेंका, सैंडिल का एक सिरा पति के सिर को छूता हुआ निकल गया। मामला रफा-दफा हो भी जाता, लेकिन पति ने इसे अपनी तौहीन समझी, रिश्तेदारों ने मामला और पेचीदा बना दिया, न सिर्फ़ पेचीदा बल्कि संगीन, सब रिश्तेदारों ने इसे खानदान की नाक कटना कहा, यह भी कहा कि पति को सैडिल मारने वाली औरत न वफादार होती है न पतिव्रता। लड़के ने लड़की के बारे में और लड़की ने लड़के के बारे में कई असुविधाजनक बातें कही। मुकदमा दर्ज कराया गया। पति ने पत्नी की चरित्रहीनता का तो पत्नी ने दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया। छह साल तक शादीशुदा जीवन बीताने और एक बच्ची के माता-पिता होने के बाद आज दोनों में तलाक हो गया। पति-पत्नी के हाथ में तलाक के काग़ज़ों की प्रति थी। दोनों चुप थे, दोनों शांत, दोनों निर्विकार। मुकदमा दो साल तक चला था।  अंत में वही हुआ जो सब चाहते थे यानी तलाक ................ यह महज़ इत्तेफाक ही था कि दोनों पक्षों के रिश्तेदार एक ही टी-स्टॉल पर बैठे , कोल्ड ड्रिंक्स लिया। यह भी महज़ इत्तेफाक ही था कि तलाकशुदा पति-पत...